राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयास से सूबे में एक नया इतिहास बना है। हाल ही, थार मरुस्थलीय क्षेत्र में जल संचय की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना की मुख्य नहर पर स्थित आरडी-1356 पर बनी एस्केप संरचना को अब 28 किलोमीटर परिधि को बड़ी कृतिम झील के रूप में विकसित किया गया है। मानसून के दौरान पंजाब की ओर से आने वाला अतिरिक्त पानी इस विशाल कृत्रिम झील में इकट्ठा होगा। जैसलमेर जिले के घांटियाली क्षेत्र में निर्मित यह जलाशय जैलसमेर-बाड़मेर जिलों में पानी की बढ़ती मांग को पूरा करेगा।
दरअसल इंदिरा गांधी मुख्य नहर की लंबी प्रणाली में शुरू से ही कई स्थानों पर एस्केप संरचनाएं बनी हुई हैं। ताकि आपात स्थिति के दौरान नहर के अतिरिक्त पानी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। मानसून के समय जब सिंचाई की मांग घट जाती है, तब भारी मात्रा में पानी संग्रहण व्यवस्था के अभाव में बहकर अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार पाकिस्तान में बेकार चला जाता है।

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